राजधानी दिल्ली में साइबर क्राइम के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने सबसे बड़ा समन्वित एक्शन करते हुए “ऑपरेशन CyHawk 4.0” चलाया। इस अभियान में एक साथ कई जिलों में छापेमारी कर बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का भंडाफोड़ किया गया। कार्रवाई के दौरान 8371 संदिग्धों से पूछताछ, 1400 से ज्यादा आरोपियों की गिरफ्तारी या बाउंड डाउन और 499 नई FIR दर्ज की गई हैं। देशभर में ₹519 करोड़ से ज्यादा की ठगी के तार इस नेटवर्क से जुड़े मिले हैं।
इस पूरे ऑपरेशन में IFSO के ज्वाइंट कमिश्नर रजनीश गुप्ता और साउदर्न रेंज के ज्वाइंट CP विजय कुमार ने बताया कि साइबर हॉटस्पॉट की मैपिंग, संदिग्ध ट्रांजेक्शन और मोबाइल नंबर की ट्रैकिंग के आधार पर यह एक्शन लिया गया। गृह मंत्रालय और I4C के साथ मिलकर करीब एक महीने तक इंटेलिजेंस जुटाई गई थी।
आरोपियों की प्रोफाइल क्या है :
- मोहम्मद जावेद – डायरेक्टर, मुख्य आरोपी के रूप में गिरफ्तार।
- मोहम्मद सलीम – डायरेक्टर, BNSS के तहत बाउंड डाउन।
- दोनों पर आरोप है कि इन्होंने 2–3% कमीशन लेकर अपने बैंक अकाउंट की डिटेल्स साइबर ठगों को उपलब्ध कराईं।
“खान चाचा” कनेक्शन
इस ऑपरेशन का सबसे चर्चित मामला नई दिल्ली इलाके से सामने आया, जहां मशहूर फूड चेन “खान चाचा” से जुड़ा साइबर फ्रॉड नेटवर्क उजागर हुआ।
जांच में सामने आया कि “Saleem Javed Rule the Rolls Since 1960” नाम से ICICI बैंक में एक अकाउंट का इस्तेमाल डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड के लिए किया जा रहा था। इस अकाउंट के जरिए करीब ₹3.3 करोड़ की ठगी को अंजाम दिया गया।
फ्रॉड का तरीका?
यह गिरोह “डिजिटल अरेस्ट”, फर्जी कस्टमर केयर, जॉब ऑफर और टेक सपोर्ट के नाम पर लोगों को झांसा देता था। म्यूल बैंक अकाउंट, फर्जी कॉल सेंटर और एजेंट नेटवर्क के जरिए पैसे को तेजी से इधर-उधर ट्रांसफर कर ट्रेसिंग से बचने की कोशिश की जाती थी।
दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि साइबर ठगों का नेटवर्क कितना बड़ा और संगठित हो चुका है। लेकिन “ऑपरेशन CyHawk 4.0” के जरिए पुलिस ने यह भी दिखा दिया कि अब इन गिरोहों की हर कड़ी पर नजर है चाहे वो दिल्ली में हो या विदेश में।








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