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‘शांति दूत’ बन रहे पाकिस्तान और चीन का ट्रम्प ने उतरा चोला- कहा तेहरान की तरफ से अमेरिकी वॉरशिप्स पर दागी गई 100 से ज्यादा मिसाइलें पाकिस्तान के जरिए पहुंचाई गई

US Israel War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान वॉर को लेकर बड़ा और सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि तेहरान की तरफ से अमेरिकी वॉरशिप्स पर दागी गई 100 से ज्यादा मिसाइलें पाकिस्तान के जरिए पहुंचाई गई थीं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इन मिसाइलों के पीछे चीन की भूमिका थी, जिसने पाकिस्तान के माध्यम से ईरान को सप्लाई की. हालांकि, ट्रंप ने दावा किया कि US Navy ने इन मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर लिया.

ट्रंप के सनसनीखेज दावे

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब एक दिन पहले ही अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर का ऐलान हुआ था, लेकिन कुछ ही घंटों बाद हालात फिर बिगड़ गए. ईरान में रिफाइनरी पर हमले की खबर आई, वहीं कुवैत और बहरीन पर ईरान के हमलों की बात सामने आई. दूसरी तरफ इजरायल ने भी लेबनान के ऊपर ताबड़तोड़ मिसाइल हमले कर दिए, जिससे सीजफायर की स्थिति और कमजोर हो गई.

इसके बाद ईरान ने रणनीतिक रूप से अहम Strait of Hormuz को बंद करने की चेतावनी दी और कहा कि अगर लेबनान पर इजरायल के हमले नहीं रुके तो सीजफायर का कोई मतलब नहीं रहेगा. वहीं इजलायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी साफ कर दिया कि इजरायल का “मिशन अभी अधूरा” है और लेबनान में कार्रवाई जारी रहेगी, क्योंकि यह सीजफायर समझौते का हिस्सा नहीं है.

ईरान का नया दावा

हालांकि, ईरान ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि Strait of Hormuz पूरी तरह बंद नहीं है और नागरिक जहाजों के लिए खुला हुआ है. ईरान के उप-विदेश मंत्री के मुताबिक, इसे बंद किए जाने की खबरें गलत हैं. हालांकि, मौजूदा युद्ध जैसे हालात को देखते हुए अब यहां से गुजरने वाले सभी तेल और वाणिज्यिक जहाजों को सघन तलाशी और जांच प्रक्रिया से गुजरना होगा.

उन्होंने यह भी कहा कि केवल उन्हीं जहाजों को आगे बढ़ने की अनुमति दी जा रही है, जिन्हें ईरानी अथॉरिटीज़ से पूर्व अनुमति मिली है. यानी तकनीकी रूप से मार्ग खुला है, लेकिन कड़ी निगरानी और सुरक्षा जांच के कारण इसकी आवाजाही काफी नियंत्रित और धीमी हो गई है, जिसका असर वैश्विक तेल सप्लाई पर पड़ सकता है. एक तरफ बड़े आरोप-प्रत्यारोप और दूसरी तरफ लगातार सैन्य कार्रवाई यह दिखा रही है कि मिडिल ईस्ट में हालात बेहद नाजुक हैं और किसी भी वक्त यह तनाव फिर बड़े संघर्ष में बदल सकता है.

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